देहरादून। उत्तराखंड में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाई जा रही है। प्रदेशभर में सात नवंबर से शुरू हुआ यह अभियान 26 नवंबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और विधानसभा स्तर पर वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया जा रहा है।
भारत सरकार के आह्वान पर यह कार्यक्रम राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
गढ़वाल संभाग में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में देहरादून स्थित पुलिस लाइन में सामूहिक गायन हुआ, जबकि कुमाऊं संभाग में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की उपस्थिति में हल्द्वानी एमबीपीजी कॉलेज में वंदे मातरम् का गायन आयोजित किया गया। युवाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को राष्ट्रगीत के गायन या वाचन पर आधारित रील या वीडियो बनाने के लिए प्रेरित करने को प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं।
हरिद्वार में जनपद पुलिस द्वारा विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पुलिस मुख्यालय, पुलिस लाइन रोशनाबाद से लेकर सभी थाना क्षेत्रों और कार्यालयों में सामूहिक स्वर में वंदे मातरम् का गायन हुआ। पुलिसकर्मियों ने भारत की एकता, अखंडता और देशभक्ति के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।
गोपेश्वर में भी पुलिस कार्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें एसपी चमोली सुरजीत सिंह पंवार की उपस्थिति में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया।
एसपी पंवार ने कहा, “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का शाश्वत मंत्र है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जिस चेतना और संकल्प ने देशवासियों को प्रेरित किया, वही आज भी हमें मातृभूमि की सेवा के लिए प्रेरित करता है।”
इसी क्रम में पुलिस लाइन गोपेश्वर में डीएसपी मदन सिंह बिष्ट तथा विधानसभा परिसर भराड़ीसैंण में डीएसपी त्रिवेन्द्र सिंह राणा की उपस्थिति में भी सामूहिक राष्ट्रगीत गायन हुआ। जनपद के सभी थानों, चौकियों और इकाइयों में एक साथ “वंदे मातरम्” की गूंज सुनाई दी। पूरा उत्तराखंड इन दिनों देशभक्ति के रंग में रंगा है और हर ओर “वंदे मातरम्” के स्वर मातृभूमि के प्रति सम्मान और एकता का संदेश दे रहे हैं।



