Friday, October 23, 2026
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भारत पर्व में दिखेगी आत्मनिर्भर उत्तराखंड की झांकी, लाल किले में सजेगी विकास और संस्कृति की झलक

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नई दिल्ली/देहरादून। भारत पर्व के अवसर पर नई दिल्ली में आत्मनिर्भर उत्तराखंड की झांकी प्रस्तुत की जाएगी। सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक एवं झांकी के नोडल अधिकारी केएस चौहान ने बताया कि यह झांकी उत्तराखंड की सांस्कृतिक, आर्थिक और पारंपरिक आत्मनिर्भरता को प्रभावी रूप से प्रदर्शित करेगी।

उन्होंने बताया कि भारत पर्व का आयोजन 26 से 31 जनवरी तक दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में किया जाएगा। इस दौरान देश-विदेश से आने वाले दर्शक उत्तराखंड की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता की झलक एक ही मंच पर देख सकेंगे।

आत्मनिर्भर उत्तराखंड झांकी के ट्रेलर सेक्शन में पारंपरिक वाद्ययंत्र ढोल और रणसिंघा की आकर्षक तांबे की प्रतिकृतियां लगाई गई हैं। ये प्रतिकृतियां राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शिल्पी कारीगरों की कलात्मक दक्षता का प्रतीक हैं। ट्रेलर सेक्शन के पहले भाग में तांबे के मंजीरे की एक विशाल मूर्ति दर्शायी गई है, जो तांबे की कला की बारीकियों को उजागर करती है।

झांकी के मध्य भाग में तांबे से बने पारंपरिक बर्तन जैसे गागर, सुरही और कुंडी को खूबसूरती से दर्शाया गया है, जो उत्तराखंड के पारंपरिक घरेलू जीवन के अहम अंग रहे हैं। वहीं इस सेक्शन के नीचे साइड पैनलों पर पारंपरिक वाद्ययंत्र भोंकोर के चित्रण झांकी की सांस्कृतिक कथा को और सशक्त बनाते हैं।

झांकी के अंतिम सेक्शन में तांबे के कारीगर की एक प्रभावशाली मूर्ति दिखाई गई है, जो हाथ से तांबे के बर्तन बनाते हुए दर्शायी गई है। कारीगर के चारों ओर सुसज्जित तांबे के बर्तन पीढ़ियों से चले आ रहे ज्ञान, कौशल और श्रम की गरिमा का प्रतीक हैं।

यह झांकी उत्तराखंड के शिल्पी समुदाय की कारीगरी, सांस्कृतिक योगदान, आजीविका, कौशल, परंपरा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। पारंपरिक तकनीकों से तैयार तांबे के बर्तन और उपकरण न केवल उत्कृष्ट शिल्प कौशल का उदाहरण हैं, बल्कि राज्य के सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन में भी इनका विशेष महत्व रहा है।

नोडल अधिकारी केएस चौहान ने बताया कि रक्षा मंत्रालय की ओर से राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, नई दिल्ली में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों की झांकियों की झलक मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की गई, जिसमें उत्तराखंड की झांकी को विशेष सराहना मिली।

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