देहरादून। उत्तराखंड में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और उभरती प्रौद्योगिकियों को राज्य के विकास तंत्र में एकीकृत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए सूचना प्रौद्योगिकी विकास अभिकरण (ITDA), सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तराखंड सरकार के तत्वावधान में तथा ग्राफिक एरा डीम्ड विश्वविद्यालय के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (TBI) के सहयोग से राज्य का पहला Emerging Technology Hackathon Series — “उद्भव 2025” का शुभारंभ किया गया।
यह उद्घाटन समारोह ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के चाणक्य ब्लॉक में आयोजित किया गया, जो राज्य में एआई नवाचार, उद्यमिता और स्किल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक नई शुरुआत का प्रतीक बना।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद यूकोस्ट के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि राज्य के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास के लिए सहयोगात्मक नवाचार (Collaborative Innovation) अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आलोक कुमार पांडे (आईएएस), अपर सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तराखंड सरकार ने औपचारिक रूप से “उद्भव 2025” का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को “AI-ready” और नवाचार-प्रधान राज्य के रूप में स्थापित करना है।
आईटीडीए के जनरल मैनेजर (एमर्जिंग टेक्नोलॉजी) राम एस. उनियाल ने हैकाथॉन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य उभरती तकनीकों के माध्यम से वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान खोजने पर केंद्रित रहेगा।
इस अवसर पर आयोजित पैनल चर्चा — “The AI Readiness Challenge: Preparing Uttarakhand’s Educational Institutions for Tomorrow” — में प्रमुख वक्ताओं के रूप में पांडे, डॉ. दुर्गेश पंत, डॉ. संतोष साराफ (प्रो वाइस चांसलर, ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय) तथा डॉ. प्रभातन के. पिल्लई (वाइस चांसलर, एसजीआरआर विश्वविद्यालय) ने भाग लिया। चर्चा का संचालन शुभम तोमर (टोनी एंड ब्लेयर फाउंडेशन) ने किया। इस सत्र में उत्तराखंड के शैक्षणिक संस्थानों को भारत की एआई दृष्टि और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के अनुरूप तैयार करने की दिशा में विचार-विमर्श हुआ।
इसके अतिरिक्त उद्योग जगत से विवेक शर्मा (सीईओ, Synergy Telematics) और अथुल अब्राहम (हेड – स्ट्रैटेजी प्लानिंग एंड प्रोडक्ट डेवलपमेंट, Metafusion) ने एआई आधारित निगरानी, भीड़ प्रबंधन तथा GenAI तकनीक के माध्यम से शहरों को अधिक स्मार्ट और सुरक्षित बनाने की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में डॉ. तनज़ीम अली (वित्त नियंत्रक, उत्तराखंड सरकार), शिवानी गोठी (जेडी, एनआईसी), रविशंकर (हेड, SEMT-ITDA) और पल्लवी सिंह (कंसल्टेंट, उत्तराखंड सरकार) सहित कई अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
“उद्भव 2025” उत्तराखंड एआई मिशन के अंतर्गत राज्य स्तरीय हैकाथॉन श्रृंखला की पहली कड़ी है, जिसका उद्देश्य छात्र-नेतृत्व वाले नवाचारों को प्रोत्साहित करना और शासन, उद्योग व समाज के लिए स्केलेबल एआई-आधारित समाधान विकसित करना है।



