थानों के लेखक गांव में चल रहे स्पर्श हिमालय महोत्सव के तीसरे दिन योग, आध्यात्म, नाड़ी विज्ञान और पर्यटन विषयों पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में योगाचार्यों और नाड़ी रोग विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और ज्ञान साझा किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद आयोजित सत्र में नाड़ी रोग विशेषज्ञ लक्ष्मी नारायण जोशी ने कहा कि शरीर के सभी रोगों की जड़ मस्तिष्क में होती है और उनके लक्षण शरीर द्वारा प्रकट किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि रोगों का निदान भी मस्तिष्क के माध्यम से ही संभव है।
उन्होंने आगे कहा कि असंयमित आहार-विहार और अनिद्रा के कारण रोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी रोग से पीड़ित है। संयमित दिनचर्या और संतुलित जीवनशैली अपनाकर रोगों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। साथ ही, अवचेतन मन को स्वच्छ रखना भी आवश्यक है। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी योग, आध्यात्म और पर्यटन के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समापन सत्र में प्रतिभागियों को संबोधित किया और स्वस्थ जीवनशैली के लिए योग एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को अपनाने का आह्वान किया।



