रुद्रपुर। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद पर हिमांशु गावा की दोबारा नियुक्ति के बाद पार्टी में भारी असंतोष पनप गया है। नाराज पार्षदों ने सामूहिक रूप से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ के बेटे और वार्ड 39 के पार्षद सौरभ बेहड़ भी शामिल हैं। कुल 11 पार्षदों ने यह इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को भेजा है।
रायशुमारी के बाद भी पुराना चेहरा क्यों — असंतुष्टों का सवाल
असंतुष्ट पार्षदों का कहना है कि जिलाध्यक्ष पद को लेकर पार्टी के प्रभारी ने रुद्रपुर में रायशुमारी की थी, जिसमें कई नाम सामने आए थे। इसके बावजूद पुराने जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा को ही दोबारा जिम्मेदारी दे दी गई। “जब पहले से तय था कि एक ही व्यक्ति को पद देना है, तो रायशुमारी की जरूरत क्या थी?” — पार्षदों ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि बिना रायशुमारी के गावा को दोबारा जिलाध्यक्ष बनाना कार्यकर्ताओं के विश्वास पर चोट है।
कांग्रेस हाईकमान की नियुक्तियाँ
मंगलवार को कांग्रेस ने रुद्रपुर के हिमांशु गावा को फिर से जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नियुक्त किया।
साथ ही ममता रानी को रुद्रपुर महानगर अध्यक्ष और अलका पाल को काशीपुर महानगर अध्यक्ष बनाया गया है।
इस्तीफा देने वाले पार्षदों ने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी ममता रानी से नहीं है — “महिला को सम्मान मिला है, इसका स्वागत है, लेकिन जिलाध्यक्ष पद पर नया चेहरा लाया जाना चाहिए था।”
इन्होंने दिया सामूहिक इस्तीफा
सामूहिक इस्तीफा देने वालों में —सुशील मंडल (वार्ड 4), इंदरजीत सिंह (36), गौरव खुराना (30), परवेज कुरैशी (20), सौरभ बेहड़ (39), शुभम दास (3), मधु शर्मा (27), अंजलि (23), गौरव गिरी (32), मो. अशफा (13) और शन्नो (26) शामिल हैं। इस्तीफे में लिखा गया है कि यह निर्णय सभी ने आपसी सहमति से लिया है।
बेहड़ बोले — “जिलाध्यक्ष अपनी एक उपलब्धि भी बता दें” किच्छा विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता तिलकराज बेहड़ ने भी खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि “जिलाध्यक्ष अपनी एक भी उपलब्धि बता दें। वह सिर्फ एक व्यक्ति को खुश रखते हैं। जिला गर्त में जा चुका है और कांग्रेस की स्थिति खराब है। मैं ऐसे जिलाध्यक्ष को स्वीकार नहीं कर सकता जो एसी रूम में बैठकर राजनीति करते हैं।” बेहड़ ने आगे कहा कि जिलाध्यक्ष ने आज तक बीजेपी के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। “उनका आका कौन है, यह जनता जानना चाहती है। अगर इतना आत्मविश्वास है तो रुद्रपुर से चुनाव लड़कर दिखाएं।”
वरिष्ठ नेता ने की पार्टी पर नाराजगी जाहिर
बेहड़ ने खटीमा विधायक भुवन कापड़ी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे उन्हीं लोगों के साथ घूम रहे हैं जिन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं को पीटा था। उन्होंने कहा कि पार्टी में अब “पुराने नेताओं की सेटिंग-गेटिंग” चल रही है, जिससे समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है। “मुझे दरकिनार किया गया है, नीचा दिखाना था तो दिखा लिया। अब 2027 के चुनाव में जनता जवाब देगी,” बेहड़ ने कहा।



