Tiger Safari case Archives - Ranvara News Portal https://www.ranvara.com/tag/tiger-safari-case/ उत्तराखंड के मुख्य समाचार Thu, 15 May 2025 03:06:21 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 Tiger Safari case : उत्‍तराखंड के पूर्व मंत्री पर ईडी का शिकंजा, 70 करोड़ की 101 बीघा भूमि अटैच https://www.ranvara.com/uttarakhand/tiger-safari-case-ed-tightens-its-grip-on-former-uttarakhand-minister-101-bigha-land-worth-rs-70-crore-attached/ https://www.ranvara.com/uttarakhand/tiger-safari-case-ed-tightens-its-grip-on-former-uttarakhand-minister-101-bigha-land-worth-rs-70-crore-attached/#respond Thu, 23 Jan 2025 05:23:02 +0000 https://ranvara.com/?p=75628 देहरादून। Tiger Safari case :  भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार में वन मंत्री रहे और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने हरक सिंह रावत की सहसपुर क्षेत्र में 70 करोड़ रुपए की करीब 101 बीघा भूमि को अटैच कर दिया है। Uttarakhand Nikay Chunav : मतदान […]

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देहरादून। Tiger Safari case :  भाजपा की त्रिवेंद्र सरकार में वन मंत्री रहे और कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने हरक सिंह रावत की सहसपुर क्षेत्र में 70 करोड़ रुपए की करीब 101 बीघा भूमि को अटैच कर दिया है।

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यह भूमि हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी लक्ष्मी राणा के नाम पर खरीदी गई थी। जिस पर पर श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तहत दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस का निर्माण किया गया। इस इंस्टीट्यूट का संचालन हरक सिंह रावत के पुत्र तुषित रावत के पास है।

हजारों पेड़ों के अवैध कटान और निर्माण

कार्बेट टाइगर रिजर्व की पाखरो रेंज में टाइगर सफारी के नाम पर हजारों पेड़ों के अवैध कटान और निर्माण के साथ ही जमीन फर्जीवाड़े के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिसंबर 2024 से ही जांच तेज कर दी थी। मामले में ईडी ने हरक की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा के बाद हरक सिंह के पुत्र तुषित से पूछताछ की थी।

ईडी जांच में पाया था कि पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के करीबी बीरेंद्र सिंह कंडारी और नरेंद्र कुमार वालिया ने हरक सिंह रावत के साथ आपराधिक साजिश करते हुए एक जमीन की 02 पवार ऑफ अटॉर्नी पंजीकृत कराई। हालांकि, कोर्ट ने संबंधित भूमि के विक्रय विलेख रद्द कर दिए थे।

बावजूद इसके भूमि को अवैध रूप से हरक सिंह रावत की पत्नी दीप्ति रावत और उनकी करीबी लक्ष्मी राणा को बेचा जाना दिखाया गया। जिस भूमि पर बाद श्रीमती पूर्णा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के तहत दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस का निर्माण भी किया गया। पूर्व की पूछताछ में ईडी अधिकारियों को कई बातें ऐसी पता चलीं, जिन्हें मनी लांड्रिंग का हिस्सा माना गया। यही वजह है कि अब ईडी के अधिकारियों ने हरक सिंह रावत से जुड़ी सहसपुर की भूमि को अटैच करने का बड़ा कदम उठाया।

ईडी ने फरवरी 2024 में 17 स्थानों पर की थी छापेमारी

ईडी ने कार्बेट सफारी और जमीन फर्जीवाड़े के प्रकरण में फरवरी 2024 में उत्तराखंड समेत हरियाणा व दिल्ली में 17 ठिकानों पर एक साथ शुरू की थी। जिसमें ईडी की 17 टीमों ने पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के देहरादून में डिफेंस कालोनी स्थित आवास, उनके बेटे के सहसपुर के शंकरपुर स्थित दून इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज समेत उनसे जुड़े करीबी अधिकारियों उत्तराखंड के वरिष्ठ आइएफएस अधिकारी सुशांत पटनायक व पेड़ कटान में आरोपित सेवानिवृत्त प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) किशन चंद के हरिद्वार के आवास पर जांच की थी।

पाखरो रेंज में टाइगर सफारी के लिए पेड़ों के अवैध कटान का मामला तब सामने आया था, जब राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने इस संबंध में मिली शिकायत की स्थलीय जांच की। साथ ही शिकायत को सही पाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई। इस प्रकरण की अब तक कई एजेंसियां जांच कर चुकी हैं। यह बात सामने आई है कि सफारी के लिए स्वीकृति से अधिक पेड़ों के कटान के साथ ही बड़े पैमाने पर बिना वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति के निर्माण कराए गए।

सुप्रीम कोर्ट की उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने इस प्रकरण में तत्कालीन वन मंत्री हरक सिंह की भूमिका पर भी प्रश्न उठाते हुए उन्हें भी जिम्मेदार ठहराया था। भारतीय वन सर्वेक्षण की सेटेलाइट जांच में यहां छह हजार से ज्यादा (163 पेड़ों की स्वीकृति थी) पेड़ों के कटान की बात सामने आई थी। मामले में दो आएफएस पर भी कार्रवाई की जा चुकी है।

इस तरह बढ़ता चला गया जांच का शिकंजा

वर्ष 2022 में विजिलेंस के हल्द्वानी सेक्टर में इस मामले मे मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के बाद विजिलेंस ने एक आरोपित बृजबिहारी शर्मा को गिरफ्तार किया और इसके बाद 24 दिसंबर 2022 को पूर्व डीएफओ किशनचंद को भी गिरफ्तार कर लिया।
आरोपितों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में विजिलेंस न्यायालय में आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया था।
विजिलेंस ने उसी वर्ष 30 अगस्त को पूर्व वन मंत्री हरक सिंह रावत के परिवार से संबंधित देहरादून में एक शिक्षण संस्थान और एक पेट्रोल पंप पर भी छापा मारा था।
उसी बीच उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआइ ने विजिलेंस से जांच संबंधी दस्तावेज हासिल किए और मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु की और फिर ईडी ने भी एंट्री ली।
ईडी दिसंबर 2023 में अटैच की गई रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी किशन चंद की हरिद्वार-रुड़की में स्थित 31.8 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त कर चुकी है।
इन संपत्ति में रुड़की में स्कूल, स्टोन क्रशर, भवन और भूमि शामिल हैं।

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