Sunday, October 18, 2026
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दून पुस्तकालय में उत्तर-पूर्व की सांस्कृतिक यात्रा पर चर्चा

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दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज सायं केंद्र के सभागार में उत्तर पूर्व क्षेत्र की तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों_ द टीचिंग्स ऑफ़ एल्डर्स, फ्रॉम सिलहट टू शिलोंग और हिल्स सोंग्स एंड लोंगिंग_ पर शानदार बातचीत का आयोजन हुआ.  इन पुस्तकों के जरिये लेखिका बिजोया सावियन सभागार में उपस्थित लोगों के समक्ष इस क्षेत्र के सामाजिक व सांस्कृतिक परिवेश की शाब्दिक यात्रा कराने में सफल रहीं. पुस्तक के विविध आयामों पर लेखिका के साथ प्रो. (डॉ.) रूबी गुप्ता ने सार्थक बातचीत भी की.

भारत के उत्तर पूर्व क्षेत्र के इस कम ज्ञात क्षेत्र पर महत्वपूर्ण और ज्ञानवर्धक सत्र में लेखिका, अनुवादक और शिक्षिका बिजोया सवियन ने डॉ. रूबी गुप्ता के साथ अपने साहित्यिक कार्यों पर विस्तार से चर्चा और आख्यानों के माध्यम से यात्रा करते हुए सवियन ने उत्तर-पूर्व क्षेत्र की स्वदेशी संस्कृतियों, परंपराओं के बारे में विस्तार से बताया और मातृसत्तात्मक खासी समाज में उभरते बदलावों और चुनौतियों के बारे में बात की।

डॉ. रूबी गुप्ता ने चर्चा का संचालन करते हुए कहा उत्तर पूर्व के अधिकांश हिस्सों के बारे में यह सत्र अत्यंत जानकारी देने वाला और मानवता का सन्देश देने वाला रहा. सवियन ने कहा कि दून पुस्तकालय में आयोजित होने वाली जाने वाली गोष्ठी व चर्चा में लोग लोग आपस में सुनने, सीखने और जुड़ने के लिए आते हैं। सवियन और गुप्ता दोनों ने कहा कि विविध भाषाओं व उनके साहित्य से जुड़ना सामूहिकता, एकता और समझ व ज्ञान अर्जित करने के लिए महत्वपूर्ण माध्यम है।

बातचीत के बाद उपस्थित लोगों ने पुस्तकों के संदर्भ में कई सवाल-जबाब भी किये.

कार्यक्रम के आरम्भ में दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र के निकोलस हॉफलैंड ने उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया।

 

Reported By: Shiv Narayan

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