Saturday, October 24, 2026
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दूरस्थ क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों को गोद लेकर किया जायेगा विकसित

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उत्तराखण्ड सरकार और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद ने मिलकर राज्य में उच्च शिक्षा और उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के लिए मुख्य सचिव सभागार में एक विशेष कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला का उद्देश्य सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के जरिए इन क्षेत्रों को सशक्त बनाना और संस्थागत सहयोग को प्रोत्साहित करना था।

कार्यशाला में मंत्री, उच्च शिक्षा डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि भारत के विकास के लिए यह हम सभी का साझा दायित्व है। उन्होंने वंचित वर्गों पर विशेष ध्यान देने और सीएसआर के माध्यम से दूरदराज के महाविद्यालयों को गोद लेकर विकास करने की आवश्यकता पर जोर दिया। मंत्री ने देवभूमि उद्यमिता योजना को विद्यार्थियों के लिए एक अनूठा और सफल मॉडल बताया और सीएसआर संगठनों से राज्य के विकास में सहयोग की अपील की।

सचिव, उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने संस्थागत सहयोग और सीएसआर फंडिंग की महत्ता को रेखांकित किया, जबकि सीएसआर सदस्य सचिव, उत्तराखण्ड सरकार मनमोहन मैनाली ने देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत उद्योगों और उच्च शिक्षा विभाग की साझेदारी पर चर्चा की।

कार्यशाला में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के डॉ. रमन गुजराल और डॉ. अमित कुमार द्विवेदी ने उद्यमिता शिक्षा और सीएसआर के योगदान पर चर्चा की, जबकि एक खुली परिचर्चा में सीएसआर के माध्यम से शैक्षिक संस्थानों के शोध, बुनियादी ढांचे और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के विषय में विचार-विमर्श किया गया।

समापन पर, उच्च शिक्षा विभाग की निदेशक डॉ. अन्जु अग्रवाल ने सभी अतिथियों और सहभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

Reported By: Arun Sharma

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